प्याज का दोस्ताना
अब पिछले कुछ दिनों से मानो लगने लगा है कि प्याज का दोस्ताना अब अनार
से हो गया है।अनार के सान्धिय में रहने से प्याज का रंग अब ओर भी लाल हो गया
है।महसूस करता हूँ कि दिल्ली चुनावों के आसपास प्याज अपनी दयाभाव भी भूल जाते है।दुसरी
तरफ सोचता हूँ कि या तो प्याज के शेयर गिर चुके है या इसका चरित्र और ये भी हो
सकता है कि बड़े बड़े रहीस बाप के अनार नाम के कारपोरेट बंदो ने इसे खरीद लिया
रात का खाना खाते वक्त
भी अब आभास होने लगा है कि या तो मै किसी बाबा का चेला हूँ या फिर मै खाने वाली
प्याजी तिरक्षणा से मुक्त हो चुका हुँ क्योंकि हम सबका ही ये हाल है।तो अब प्याज
थाली से एसे गायब हुआ जैसे कोल ब्लाक की फाइलें।
जले पर नमक छिडकने का काम तो
अब मीडिया कर रहा है।शाम ढलते ही मीडिया लगाता है प्याज का तड़का,केवल मीडिया ही
नही तड़का हर जगह लगता है मेरे दोस्त,क्योंकि तड़के के बिना हमें मजा नही
आता।फिल्मों में item song का तड़का,अंर्तराष्टीय
बाजार में तेल का तड़का,सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व की धारा चार में जो तड़का
लगाया जिसे लालू,जगदीश शर्मा के साथ साथ मसूद ने भी खूब चखा।
सामने टी वी पर चलता गाना
ये सोचने पर मजबूर करता है कि दिल जो पहले बच्चा था अब वो बदतमीज हो चुका है।इतना
तड़का लगाने के बाद भी जब इसको चैन नही मिला तो एक बाबा ने सपने में लगाया सोने का
तड़का।अब ये दिल तड़के के तेल पर इस तरह फिसल जाता है जैसे कभी बापू की जुबान।
आलू नाम का आम आदमी भी अब
अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है।लौकी तो अपनी औकात भूल चुकी है।जहा एक तरफ
आलू और लौकी की TRP बहुत हाई हो चुकी है।वही अब विपक्षी सब्जियों का कहना है कि इनकी हाई TRP के पीछे बाबा
रामदेव का हाथ है।
जैसे टमाटर,करेले और भिंडी नाम की छमकछल्लों अपने असली दाम को भूल
चुके हैं वैसे ही लिखते लिखते मेरी भी भूलने
की आदत ठीक वैसी ही है।अगर कुछ भूल गया हुँ तो जोड़ लेना और अगर कुछ गलत लगा हो तो
माफ करना दोस्तो।
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